DEO की लापरवाही पर DPI सख्त! 31 जिलों के शिक्षा अधिकारियों को नोटिस, अक्टूबर की सैलरी रोकने की चेतावनी

रायपुर, 30 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) पर सख्ती दिखाई है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर प्रदेश के अन्य जिलों के DEO को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
संचालनालय ने साफ किया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसमें अक्टूबर माह का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
7 सितंबर को मांगी गई थी स्कूलों की जानकारी
लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को पत्र जारी कर सभी जिलों से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास अपनी भवन व्यवस्था नहीं है या जिनके मौजूदा भवन में मरम्मत की आवश्यकता है।
संचालनालय की ओर से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर अन्य जिलों से अपेक्षित जानकारी नहीं भेजी गई।
DPI ने पूछा- जरूरी जानकारी अब तक क्यों नहीं भेजी?
जानकारी नहीं मिलने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने संबंधित DEO को दोबारा नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्कूल भवनों की स्थिति से जुड़ी जानकारी को महत्वपूर्ण बताते हुए समय पर जवाब नहीं भेजे जाने को शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही माना गया है।
DEO को अब तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के साथ मांगी गई स्कूलवार जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जवाब नहीं दिया तो वेतन पर कार्रवाई
संचालनालय ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसी कार्रवाई के तहत अक्टूबर माह का वेतन रोकने का प्रस्ताव रखा गया है।
दो जिलों ने समय पर दी जानकारी
इस पूरे मामले में बलौदाबाजार और बलरामपुर के DEO को नोटिस से अलग रखा गया है। दोनों जिलों की ओर से मांगी गई जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है।
